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उच्च शिक्षण संस्थानों को अब शोध कार्य में लगाना होगा, सरकार ने तैयार किया रोडमैप, एनआरएफ पर रहेगी नजर

देश के उच्च शिक्षण संस्थान अब शोध कार्यों से मुंह नहीं मोड़ पाएंगे। उनके लिए आने वाले दिनों में शोध कार्य करना आवश्यक होगा। रिसर्च को बढ़ावा देने में जुटी केंद्र सरकार अब इसके लिए देश में नया इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है. इसमें उच्च शिक्षण संस्थानों को शोध के लिए विषय और पैसा दोनों मुहैया कराया जाएगा।

वर्तमान में देश में लगभग 40 हजार ऐसे उच्च शिक्षण संस्थान हैं, जो देश में किए गए कुल शोध कार्य में केवल एक प्रतिशत का ही योगदान करते हैं। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे संस्थानों से हैं, जहां लंबे समय से एक भी शोध कार्य नहीं हुआ है और न ही कोई शोध पत्र प्रकाशित हुआ है।

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अनुसंधान को बढ़ावा देने में जुटी केंद्र सरकार इस क्षेत्र की मौजूदा तस्वीर को बदलना चाहती है. फिलहाल इसकी जिम्मेदारी प्रस्तावित नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एनआरएफ) को सौंपी गई है कि वह शोध कार्य को नई ऊंचाईयां दें, जो अब उच्च शिक्षण संस्थानों के सहयोग से इसे गति देगा. शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक एनआरएफ के गठन का पूरा ढांचा तैयार कर लिया गया है, जल्द ही यह अपना काम शुरू कर देगा.

फिलहाल सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को शोध से जोड़ने की योजना के तहत एनआरएफ आम लोगों और उद्योगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए शोध विषयों को जुटाएगा। बाद में संस्थाओं की क्षमता के आधार पर उन्हें इस कार्य की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस दौरान वह संस्थानों को शोध के लिए जरूरी आर्थिक मदद भी देंगे।

एनआरएफ को तेजी से आगे ले जाने में जुटी एजेंसियों के मुताबिक शोध कार्य से उच्च शिक्षण संस्थानों को भी बड़ा फायदा होगा. क्योंकि दुनिया भर के शीर्ष उच्च शिक्षण संस्थानों में वह स्थान जाना जाता है, जहां शोध कार्य का प्रदर्शन बेहतर होता है। ऐसे में बड़ी संख्या में भारतीय उच्च शिक्षण संस्थान भी विश्व के शीर्ष संस्थानों में जगह बना सकेंगे।

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साथ ही उच्च शिक्षा के लिए दुनिया के दूसरे देशों में जाने वाले भारतीय छात्रों का पलायन भी रुकेगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। गौरतलब है कि इस समय देश में करीब 50 हजार उच्च शिक्षण संस्थान हैं, जिनमें से करीब एक हजार विश्वविद्यालय और 45 हजार कॉलेज शामिल हैं.

रिसर्च को बढ़ावा देने में जुटी केंद्र सरकार ने अगले पांच साल में अकेले रिसर्च पर पचास हजार करोड़ खर्च करने और एनआरएफ के गठन का ऐलान किया है. एनआरएफ देश में अनुसंधान के लिए एक संयुक्त मंच प्रदान करेगा। इसके साथ ही वह देश में हो रही तमाम रिसर्च पर नजर रखेंगे। उनकी गुणवत्ता की जांच करेंगे। पैसे भी देंगे। यह यह भी सुनिश्चित करेगा कि शोध समय पर पूरा हो और उम्मीदों पर खरा उतरे। अभी देश में रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह बिखरा हुआ है। वर्तमान में अपनी पसंद की अनुसंधान गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं।

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